झांसी की ओर जा रही अंडमान एक्सप्रेस में एक यात्री, निहाल नामक व्यक्ति ने भोजन के ज़्यादा पैसे वसूलने पर आपत्ति जताकर बड़ी “ग़लती” कर दी। रेलवे के कैटरिंग कर्मचारियों ने चाहा तो था कि उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंक दें, मगर कानून का सम्मान करते हुए उन्होंने केवल बेल्ट और कुछ मुक्कों से उसकी “शालीनता से” पिटाई कर दी। यह घटना भारतीय रेलवे की प्रसिद्ध “मेहमाननवाज़ी” का अद्भुत उदाहरण है। उम्मीद है कि यात्री निहाल अब समझ गया होगा कि ट्रेनों में ज़्यादा दाम पर सवाल उठाना देश की सेवा भावना के ख़िलाफ़ माना जाता है।
